इंदौर से प्रयागराज माला बेचने आई ‘मोनालिसा’ रीलबाजों से परेशान

  • खुशदीप सहगल (यूट्यूबर)

कुंभ: कथित साध्वी के बाद अब माला वाली मोनालिसा सुर्खियों में

कुंभ के महात्म्य की जगह चेहरों का पीछा क्यों?
प्राइवेसी में दखल कितना जायज़?

मोनालिसा इंदौर से प्रयाग राज रुद्राक्ष, स्फटिक और मोतियों की मालाएं बेचने के लिए आई हुई है। लेकिन ब्राउन आंखों वाली ये लड़की अपनी खूबसूरती की वजह से सुर्खियों में है। अब याद कीजिए पांच सदी पहले वाले लियोनार्दो दा विंची की बनाई मोनालिसा की पेंटिंग को। इटली के पेंटर लियोनार्दो दा विंची ने इस मोनालिसा को गढ़ने में साल 1503 से 1519 तक यानि कुल 16 साल का वक़्त लिया था। फ्रांस के लुविरो म्यूज़ियम में आज भी रखी इस कालजयी पेंटिग को जो भी देखता इसके तिलिस्म से चमत्कृत हुए बिना नहीं रह सकता। ख़ासतौर पर मोनालिसा की आंखों की कशिश देखने वालों को अंदर तक भेद जाती है।

कुंभ वाली वायरल गर्ल मोनालिसा की बात की जाए तो हर कोई इसे कैमरे में कैद करना चाहता है। विशेष तौर पर पुरुष रील मेकर्स माला वाली मोनालिसा को हर वक्त इंटरव्यू के लिए घेर रहे हैं। ये किसी की प्राइवेसी में दखल से कम नहीं। किसी को भी साथ अपनी रोज़ी रोटी कमाने का हक़ है और उसे सम्मान के साथ ऐसा करने देना चाहिए। सेल्फ़ी के लिए हर वक्त उसके पास भीड़ लगाना सही नहीं।

ये तो रही मोनालिसा की मशहूर पेंटिंग की बात। अब बात करते हैं आज की जीती जागती मोनालिसा की। द वायरल ब्यूटीफुल साध्वी हर्षा रिछारिया को लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया, यूट्यूबर्स और रील मेकर्स में जैसे पहले क्रेज़ दिखा, वैसा ही कुछ अब मोनालिसा के लिए दिख रहा है। ट्रौलिंग से परेशान हर्षा रिछारिया के कुंभ छोड़ने के ऎलान के बाद माला वाली मोना लिसा को हर कोई अपने कैमरे में कैद करना चाहता है। एक इंटरव्यू लेने वाले ने मोनालिसा से पूछा कि क्या उनका इंस्टाग्राम हैंडल और फेसबुक पेज है तो मोनालिसा ने हां में जवाब दिया।

ओवरनाइट फेम का कमाल है कि मोना लिसा कुंभ नाम से इंस्टाग्राम हैंडल पर फॉलोअर्स की संख्या ये रिपोर्ट लिखे जाने तक 938 हज़ार से ज़्यादा पहुंच चुकी थी।

मोनालिसा को लेकर सोशल मीडिया पर बंटी हुई राय दिख रही है। कुछ मोनालिसा की खूबसूरती के कसीदे पढ़ रहे हैं तो कुछ इस बात से ख़फ़ा है कि रीलबाज़ महाकुंभ जैसे आस्था के पवित्र समागम को रील्स का अखाड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कभी उनका फोकस कथित साध्वी पर है तो कभी आईआईटी वाले बाबा पर और अब विशेष तौर पर पुरुष रील मेकर्स माला वाली मोना लिसा को हर वक्त इंटरव्यू के लिए घेर रहे हैं। ये किसी की प्राइवेसी में दखल से कम नहीं। किसी को भी साथ अपनी रोज़ी रोटी कमाने का हक़ है और उसे सम्मान के साथ करने देना चाहिए। सेल्फी के लिए हर वक्त उसके पास भीड़ लगाना सही नहीं।

एक इंस्टाग्राम वीडियो में इंटरव्यू लेने वाला मोनालिसा से पूछता है कि क्या वो विवाहित है? इस पर मोनालिसा ने ना में जवाब देते हुए कहा कि अभी वो सिर्फ़ 16 साल की है। इंटरव्यू लेने वाला आगे कहता है कि जो उन्हें फॉलो करते हैं, क्या उनमें से कोई लड़का पसंद है. मोनालिसा का इस पर जवाब था कि वो किसी को पसंद क्यों करेंगी, सभी उनके भाई हैं। मोनालिसा आगे कहती हैं कि हम माला बेचने वाली सभी लड़कियों में कोई खुद शादी के लिए लड़का नहीं चुनती। उनके यहां शादियां माता-पिता की मर्जी से होती है।

मोनालिसा 50 लोगों के ग्रुप के साथ माला बेचने के लिए प्रयागराज आई है। मोनालिसा के माता पिता भी साथ में कुंभ आए हुए हैं। मोनालिसा का कहना है कि वो पढ़ी लिखी नहीं है और छोटी उम्र से ही माला बेचने का काम कर रही हैं।

मोनालिसा जिस तरह अपनी आंखों को लेकर चर्चा का केंद्र बनी हुई है। अब याद कीजिए कुछ साल पहले पाकिस्तान में नीली आंखों वाले अरशद चायवाले के साथ क्या हुआ था। किसी ने इस्लामाबाद में सड़क किनारे स्टाल पर चाय बनाते अरशद की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दी। फिर क्या था अरशद की रातों रात किस्मत चमक गई।अरशद को मॉडलिंग के असाइनमेंट मिलने लगे। अरशद ने फिर ऐसी तरक्की की कि लाहौर तो क्या लंदन तक अरशद चायवाला के नाम से ही अपने हाईफाई कैफे खोल लिए।

देखना होगा मोनालिसा की किस्मत भी अरशद चायवाले की तरह चमकती है या नहीं। या वो इंटरनेट पर कुछ ही दिनों का फेम पाने के बाद फिर गुमनामी के अंधेरे में खो जाएगी।

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