बुनियादी सुविधा से वंचित: ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ीं

सरबडियार पट्टी के आठ गांवों के ग्रामीणों की परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं लगातार बारिश के कारण सरबडियार पट्टी को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीण पैदल मार्ग पर गाड़ गदेरों से होकर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। इसके साथ ही सड़क क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी गांव के बुर्जुग, बीमार, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को हो रही है। लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब आठ घंटे का समय लग रहा है।

बीते कुछ दिनों से सरबडियार पट्टी के आठ गांवों के ग्रामीणों के लिए बारिश आफत बनी हुई है। इन आठ गांवों के लिए सड़क और पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को तहसील परिसर समेत अन्य जगहों पर आने जाने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिन सरबडियार सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने से वहां पर फंसे कृष्ण सिंह रावत, देवेंद्र सिंह, सोबन सिंह आदि ने बताया कि वह बच्चों समेत पौराणिक मेले के लिए गांव में गए थे। लेकिन सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वह आठ घंटे तक फंसे रहे। इस संबंध में लोनिवि के अधिकारियों को फोन किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

कहा कि लगातार बारिश के कारण सरबडियार के आठ गांवों के पैदल रास्ते भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। इससे आठ गांव के ग्रामीण गाड़ गदेरों से होकर तहसील परिसर में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दिक्कतें गांव में बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाओं को हो रही है। जिन्हें कंडी-डंडी से हॉस्पिटल तक पहुंचाया जा रहा है। कहा कि कई बार शासन प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से बताया गया है, लेकिन कोई भी सुनने को कोई तैयार नहीं है। उन्होंने जल्द ही सड़क और पैदल मार्ग को दुरुस्त ना करने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

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