कैंची धाम जाम से रानीखेत पर्यटन प्रभावित, होटल व्यवसायियों में आक्रोश

कैंची धाम में लगातार लग रहे जाम को लेकर रानीखेत होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने गहरी चिंता जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि इसका सीधा असर रानीखेत के पर्यटन, होटल व्यवसाय और स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो होटल व्यवसायी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि कैंची धाम क्षेत्र में प्रतिदिन कई घंटों तक लगने वाले जाम से पर्यटकों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे पर्यटक रानीखेत आने से बचने लगे हैं, जिसका असर होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और पर्यटन से जुड़े लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है।

एसोसिएशन ने कहा कि भवाली–रामगढ़ वैकल्पिक मार्ग अत्यधिक संकरा और दुर्घटना संभावित है, जबकि धानाचूली–क्वारब मार्ग काफी लंबा पड़ता है। उन्होंने सरकार से इन मार्गों के शीघ्र चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग की ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके। इसके अलावा रानीखेत–भतरौंजखान–रामनगर मार्ग को भी चौड़ा और बेहतर बनाने की मांग उठाई गई। पदाधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग के विकसित होने से कैंची धाम, नैनीताल और जिम कॉर्बेट आने-जाने वाले पर्यटकों को राहत मिलेगी तथा रानीखेत पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था होने के बावजूद रानीखेत की लगातार उपेक्षा की जा रही है। समय रहते सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। बैठक में एसोसिएशन अध्यक्ष हिमांशु उपाध्याय, महासचिव गोविंद सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष अंशुल साह, प्रभात माहरा, हरीश अग्रवाल, अरविंद साह, देवांशु साह, सोनू सिद्दीकी और पावस जोशी मौजूद रहे।

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