रुड़की मंगलौर क्षेत्र शिकारपुर-हज्जरपुर में जैविक खेती मिशन शुरू

लंढौरा। लंढौरा क्षेत्र के शिकारपुर व हज्जरपुर गांव में कृषि विभाग ने परम्परागत कृषि योजना के माध्यम से तीन क्लस्टर बनाकर 60किसानों को चयनित किया है। जिन्हें कृषि क्षेत्र में काम आनेवाले सामान कीट वितरित की है। रविवार को शिकारपुर गांव में कृषि विभाग ने एनजीओ के माध्यम से परम्परागत कृषि योजना कैंप लगाकर 60 किसानों को कृषि संबंधित सामान कीट दी है। जिससे जैविक खेती करने में आसानी होगी। कृषि विभाग के अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने बताया है की शिकारपुर गांव में परम्परागत कृषि योजना के माध्यम से क्लस्टर बनाकर किसानों का चयन किया है। चयनित किसानों को कृषि क्षेत्र में काम आनेवाली सामान कीट वितरित की है।

जिससे किसानों को जैविक खेती करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया है की नारसन ब्लॉक में 26 क्लस्टर और रुड़की ब्लॉक में 24 क्लस्टर बनाए है। जिन क्लस्टर में किसानों का चयन हुआ है उन के पास एक हेक्टयर भूमि होनी चाहिए। क्लस्टर प्रथम वर्ष में एक स्प्रे मशीन,एक खाद बनाने का ड्रम, एक बाल्टी,एक छलनी किसानों को दी गई है। उन्होंने बताया है की किसानों को रसायन खेती छोड़कर जैविक खेती करने पर ध्यान देना चाहिए। अगले सत्र में किसानों को जैविक दवाइयां दी जाएगी।

उन्होंने बताया है की हरिद्वार जिले में गन्ने में लाल सड़न’ (Red Rot) एक विनाशकारी फंगल रोग हो रहा है। और रसायन के माध्यम से अगर खेती करते रहोगे तो लाल सड़न रोग कभी खत्म नहीं होगा। जैविक खेती किसानों को कराएंगे। जिससे गन्ने में रोग खत्म होगा। उन्होंने बताया है की जैविक कार्यक्रम तीन वर्ष तक चलते रहेंगे। डीवीडी के माध्यम से किसानों के खातों में पांच हजार रुपए का लाभ मिलेगा। इस मौके पर फिरोज गौर समाज सेवी, हाजी इरशाद,मान सिंह, गुफरान,फुरकान,आमिर गौर,सलीम,अरुण, सुखपाल,मुकेश,आजम, सुखवीर,मुरसलीन, इकराम, दिनेश,नितिन कटारिया, सुशील आदि लोग मौजूद रहे।

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