पहली बार खुद समस्याएं लेकर जिला मुख्यालय पहुंचीं महिलाएं, डीएम ने मौके पर ही दिलाया समाधान का भरोसा।
वर्षों तक मुख्यधारा से लगभग कटे रहे जनपद चम्पावत के दूरस्थ खीरद्वारी गांव की आदिम जनजाति अब धीरे-धीरे समाज और प्रशासन से जुड़ने लगी है। इसका भावुक और प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब गांव की महिलाएं अपनी समस्या लेकर पहली बार जिला मुख्यालय पहुंचीं और सीधे जिलाधिकारी मनीष कुमार से मिलीं। खीरद्वारी गांव की उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारक महिलाओं की मुख्य समस्या गैस सिलेंडर रिफिलिंग को लेकर थी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें गैस भरवाने के लिए दूरस्थ क्षेत्र जाना पड़ता है, जबकि टनकपुर उनके लिए अधिक नजदीक और सुविधाजनक है।
महिलाएं पहले तहसील पहुंचीं। जैसे ही जिलाधिकारी मनीष कुमार को उनके आने की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत उन्हें अपने पास बुलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के सामने पहुंचते ही महिलाएं उन्हें पहचान गईं और खुशी से बोलीं “ये तो हमारे गांव आए थे।”
लीलावती देवी, गीत देवी, हरि देवी, विद्या देवी, कलावती देवी और हीरा देवी ने जिलाधिकारी को अपनी समस्या बताई। मौके पर मौजूद तहसीलदार के चालक रमेश जोशी ने उनका प्रार्थना पत्र लिखा। जिलाधिकारी ने तत्काल जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट को बुलाकर समस्या का समाधान उसी दिन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने महिलाओं से कहा कि वह स्वयं उनके गांव का दौरा कर चुके हैं और वहां की समस्याओं को भलीभांति जानते हैं। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि भविष्य में किसी भी समस्या के लिए सीधे फोन करें, अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर समाधान करेंगे।
महिलाओं का कहना था कि वे जिलाधिकारी का नाम सुनकर यहां आई थीं। गांव में चर्चा थी कि वह गरीबों की समस्याओं का त्वरित समाधान करते हैं। जिला मुख्यालय पहुंचने और जिलाधिकारी के व्यवहार
व त्वरित कार्रवाई को देखकर उन्हें पहली बार लगा कि उनकी भी सुनवाई करने वाला कोई है। महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि “हमें ऐसा लगा जैसे धरती पर भगवान मिल गए हों।” जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से वार्ता कर ली गई है और जल्द ही खीरद्वारी गांव के उपभोक्ताओं को टनकपुर गैस एजेंसी से ही रिफिलिंग की सुविधा मिलने लगेगी।





