संजू पुरोहित संपादक
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने महानगर अध्यक्ष धीर सिंह के नेतृत्व में नगर निगम रुड़की के खिलाफ कड़ा विरोध जताते हुए मुख्य नगर आयुक्त एवं महापौर को ज्ञापन सौंपा। व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने पूर्व में किए गए वादे के बावजूद भवन कर में 5 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है, जो जनहित के विपरीत है। व्यापार मंडल का कहना है कि निगम क्षेत्र के प्रत्येक मकान पर 100 रुपए प्रतिमाह यूजर चार्ज, छोटे व्यापारियों पर 200 रुपए प्रतिमाह, बड़ी दुकानों पर 500 रुपए प्रतिमाह तथा अन्य प्रतिष्ठानों पर इससे अधिक शुल्क लगाया गया है। इसके साथ ही व्यावसायिक कर/लाइसेंस शुल्क भी लागू कर दिया गया है, जिसे व्यापारी वर्ग ने अस्वीकार्य बताया है।
ज्ञापन में व्यापार मंडल ने चार प्रमुख मांगें रखी जिसमें भवन कर में की गई 5% वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए, यूजर चार्ज को भवन एवं प्रतिष्ठानों से समाप्त कर उसका गजट नोटिफिकेशन निरस्त किया जाए,व्यावसायिक कर/लाइसेंस शुल्क को वापस लिया जाए और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करते हुए रेहड़ी, पटरी व चलित विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन तथा समुचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महानगर अध्यक्ष धीर सिंह ने कहा कि यह सभी मांगें जनहित से जुड़ी हैं।
यदि 7 दिन के भीतर नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापार मंडल आंदोलन या प्रदर्शन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश अध्यक्ष अजय गुप्ता, प्रदेश महामंत्री नवीन गुलाटी, संयोजक रामगोपाल कंसल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित अग्रवाल, कविस मित्तल, आकाश गोयल, संदीप शर्मा (अध्यक्ष ड्रग एसोसिएशन), राम सतीजा, वसीम राजा, पंकज जिंदल, सौरभ सिंगल, मनोज मेहरा, बेबी खन्ना (पूर्व पार्षद), संजय कश्यप, मनीष डिंपल, संजय प्रजापति, घनश्याम वर्मा, पुलकित सिंगल, सुरेंद्र कुमार सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।
व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि भवन कर के अतिरिक्त नगर में किसी भी प्रकार का नया टैक्स स्वीकार नहीं किया जाएगा और जनहित में लिए गए इस निर्णय पर नगर निगम को पुनर्विचार करना चाहिए।





