स्मार्ट टीवी, पुस्तकें और बाल फर्नीचर जैसी सुविधाओं से लैस होगा सेंटर

जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज सर्वे चौक स्थित डे-केयर-सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। इस दौरान उन्होंने सेंटर में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया और बच्चों की देखभाल एवं पोषण व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करते हुए  सेंटर को हाईटैक बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नौनिहाल हमारे समाज के सूद हैं और न इनको सुरक्षित एवं शिक्षा का माहौल देने  के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के बीचो-बीच बने इस डे-केयर-सेंटर को आधुनिक सुविधासम्पन्न बनाना है, जिससे शहर के कामकाजी अभिभावक महिलाएं इसका लाभ ले सके।

उन्होंने सेन्टर में स्मार्ट टीवी, बच्चों हेतु ज्ञान वर्धक कामिक्स, किताब, वाईटबोर्ड, लाईब्रेरी कार्नर बाला फर्नीचर,  आदि वस्तुएं रखी जाए जिससे बच्चे खेल-खेल में शिक्षा के साथ ही विभिन्न एक्टिविटी से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि सेंटर की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु जिला योजना से बजट की स्वीकृति। उन्होंने बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए किए आधुनिक डे-केयर सेंटर हेतु जो भी आवश्यकता हो उसी सूची बनाएं। विगत वर्ष 58 आगंबाड़ी केन्द्रों को होईटैक करते हुए एलपीजी, बिजली कनैक्शन, बालाफर्नीचर, डिजिटल लर्निंग सुविधा, लाईब्रेरी कार्नर, शिक्षाविद पेंटिंग सहित अपग्रेड किया गया तथा जिलें में इस वर्ष 150 आंगनबाड़ी केन्दों को अपग्रेड किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कामकाजी माताओं एवं महिलाओं के लिए यह  अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि डे-केयर सेंटर में बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण, पौष्टिक आहार, खेल-कूद की सामग्री तथा प्रारंभिक शिक्षा की गतिविधियां नियमित रूप से सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने साफ-सफाई एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से कार्यरत माताओं को अपने दायित्वों के निर्वहन में सहूलियत मिलेगी तथा बच्चों के समुचित विकास में भी मदद मिलेगी।

जिलाधिकारी ने सेन्टर में स्टॉफ  व बच्चों की संख्या कम होने का कारण पूछा जिस पर बताया गया कि यह सेंटर डे केयर के साथ ही मार्डन आंगनबाड़ी केन्द्र भी है वर्तमान में यहां अर्बन आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की भर्ती निदेशालय स्तपर पर प्रस्तावित है स्टॉफ मिलने से जहां केन्द्र सुविधा बढेगी वहीं बच्चो की संख्या भी बढेगी। जिलाधिकारी ने सेन्टर में स्टॉफ  बढाने हेतु निदेशक बाल विकास विभाग से पत्राचार करने की बात कही। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सीडीपीओ डॉ.  शिखा कंडवाल सहित सम्बन्ध्तिा अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

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