पांचवी पास

सुदेश आर्या

अगर आप लगातार 20 साल तक ड्राइव ना करें, एक भी गाड़ी ना चलाएं और फिर अचानक आपको ड्राइव करना पड़े तो आपके हाथ कांपेंगे। Flow में आने में वक्त लगेगा।

अगर cooking करना छोड़ दें और एक महीने बाद कुछ try करें तो मसाले ऊपर नीचे हो जाते हैं, पहली दो रोटियां तो कच्ची पक्की हो जाती हैं।

कहने का मतलब ये कि साधारण से साधारण काम भी सतत अभ्यास मांगता है, अभ्यास छूटा कि काम से पकड़ छूटी।

तो फिर ऐसे में 20-22 साल की उम्र में ग्रेजुएट हुए लोग खुद को 40-50-60 की उम्र में ग्रेजुएट कैसे कह पाते हैं जबकि पिछले दो, तीन, चार दशकों में उन्होंने किसी किताब को हाथ भी ना लगाया हो, कुछ नया ना सीखा हो बल्कि सीखा हुआ सब कुछ भूल चुके हों।

बाकी सब कामों की तरह शिक्षित बने रहना भी सतत प्रक्रिया है, अपनी डिग्री का रौब छोड़िए और रोज कम से कम 10 पेज किसी नई किताब के पढ़िए, कुछ नया सीखिए, नहीं तो आपमें और पांचवी पास बच्चे में कोई खास फर्क़ नहीं है।

  • Related Posts

    उद्यमियों को बांटे 33.25 करोड़ के स्वीकृति पत्र, 129 करोड़ की लीड जेनरेट

    पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) मंडल कार्यालय हरिद्वार द्वारा ज्वालापुर और रुड़की में एक दिवसीय ‘पीएनबी मेगा एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को सुलभ…

    हरिद्वार में मकान सूचीकरण का कार्य शुरू, जिलाधिकारी ने पारदर्शिता पर दिया जोर

    भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) का अभियान जनपद हरिद्वार में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *