20 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, मेले की रफ्तार धीमी, गोताखोरों की बहादुरी को मिली सराहना, स्थायी सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस।
उत्तरभारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में आज अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली, जिससे व्यापारियों के चेहरे मायूस नजर आए। हालत यह रही कि कई व्यापारी दिन के समय भी फुर्सत में आराम करते दिखे। मेला प्रशासन के अनुसार आज करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने मां पूर्णागिरि के दर्शन किए। मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी ने दिनभर मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए तीर्थ यात्रियों से संवाद कर सुविधाओं को लेकर उनकी राय भी जानी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मेले को वर्षभर चलने वाले तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है और अब सभी निर्माण कार्य स्थायी रूप से किए जा रहे हैं।
इसी बीच शारदा घाट पर एक बड़ा हादसा टल गया। हरदोई से आए 6 वर्षीय अनिल कश्यप का पैर फिसलने से वह नदी की तेज धारा में बहने लगा। मौके पर तैनात जल पुलिस और पीएसी के गोताखोरों ने बिना समय गंवाए साहस का परिचय देते हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना को देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और गोताखोरों की जमकर सराहना की।
रेस्क्यू ऑपरेशन में पीएसी के गोताखोर अनिल कुमार, नीरज बोरा, अमित कुमार, कमलेश मेहरा, विजय गांगुला और जल पुलिस के राकेश गिरी व रविंद्र पहलवान शामिल रहे। स्थानीय लोगों ने इन बहादुर जवानों को सम्मानित किए जाने की मांग भी उठाई। मेला प्रशासन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और मेले का संचालन शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।





