लोगों के पैसे हड़पते थे एटीएम में फंसाकर, ठगों को भीड़ ने पकड़ा

एटीएम में लोहे की पत्ती लगाकर लोगों के पैसे निकालने वाले तीन शातिरों को पब्लिक ने दबोच लिया। जिनके पास से लोहे की पत्तियंा व अन्य सामान बरामद हुआ है। पब्लिक द्वारा आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पकड़े गए युवकों में से एक जेल में यह कारनामा सीखकर आया था। पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हे अदालत में पेश किया जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के ढंडेरा में रविंद्र पुत्र अशोक राणा, शिवम पुत्र विपिन एवं अन्य लोगों ने एक बैंक एटीएम से तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ा गया है। यह युवक एटीएम में लोहे की पत्ती लगा देते थे और जब लोग पैसा निकालने एटीएम में आते थे तो पैसे एटीएम से बाहर नहीं आ पाते थे। लोगों के जाने के बाद उक्त युवक एटीएम में जाकर पैसा निकाल लेते थे। तीनों युवकों को मौके पर पकड़े जाने के बाद वहां लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई। जिसके बाद सूचना पुलिस को दी गई मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को हिरासत मे लेकर उन्हे कोतवालरी पहुंचाया।

पूछताछ में उन्होने अपना नाम जमाल पुत्र हुसैन अहमद निवासी जैनपुर झंझेडी, सलमान पुत्र मुन्तियाज निवासी पठान चौक लंढौरा और आदित्यपाल पुत्र स्व. मदनलाल मोहल्ला गढ़रियान मंगलौर बताए । जमाल ने बताया कि उसका दोस्त सलमान 2016 में लंढोरा में हुए बवाल के बाद जेल गया था जहां उसकी मुलाकात लोनी निवासी आरिफ और अफरोज के साथ हुई। उन दोनों ने सलमान को एटीएम से पैसे निकालने का यह तरीका सिखाया है। जेल से आने के बाद सलमान ने जमाल और आदित्य पाल के साथ मिलकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। बताया कि वह रुड़की, भगवानपुर, झबरेड़ा, मंगलौर आदि क्षेत्रों इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुके है।

  • Related Posts

    ऋषिकुल पंजीकरण केंद्र पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पांच दिनों में आंकड़ा 10 हजार के पार

    चारधाम यात्रा 2026 को लेकर देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र पर देखने को मिल…

    स्वच्छ ऊर्जा की ओर आईआईटी रुड़की का बड़ा कदम

    नेट ज़ीरो लक्ष्यों के लिए अल्ट्रा लो हेड टर्बाइन सुविधा स्थापित भारत के ‘नेट ज़ीरो 2070’ लक्ष्यों को गति देने और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु भारतीय…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *