हरिद्वार। हरिद्वार जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्व जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह का स्थानांतरण उधम सिंह नगर हो जाने के बाद नए जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार पहुंचे हैं ।इन जिला पूर्ति अधिकारी का स्वागत हरिद्वार के उन राशन माफियाओ ने जिनकी न कोई राशन की दुकान है ना ही उनका राशन के किसी गोदाम या किसी कारोबार से लेना देना है । केवल इस बात का राशन गोदाम से राशन माफिया का रिश्ता है ,की ये माफिया पिछले 35 वर्षों से गोदाम पर राशन की काला बजरी करता है ।
इस राशन माफिया को जनपद का हर राशन विक्रेता व राशन विक्रेताओ की यूनियन के नेता जानते है।
यह राशन माफिया जिसका नाम सारे राशन विक्रेता जानते हैं ,और यह पिछले 35 साल से राशन के इस कालाबाजारी के कारोबार में लगा हुआ है , इसने जिला पूर्ति अधिकारी का स्वागत किया और इसके साथ राशन विक्रेताओं के नेताजी भी मौजूद थे, यह नेताजी भी विगत 30 वर्षों से राशन विक्रेताओं के स्वयंभू नेता बने हुए हैं। जिस यूनियन के यह नेता है, या यह कहा जाय की अध्यक्ष है, उसके चुनाव हरिद्वार में विगत 30 वर्षों से नहीं हुए हैं।बताया जा रहा है कि जिस कार्य पर पिछले जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह ने जिलाधिकारी के निर्देश पर लगाम लगा दी थी , वह धन्दा अब शायद पुनः शुरू हो जाएगा ,इसी उम्मीद के साथ राशन माफियाओं ने और राशन विक्रेताओं के नेताओं ने नए जिला पूर्ति अधिकारी का स्वागत किया है। अब देखना यह है यह स्वागत क्या रंग दिखता है

क्या अब पुनः खुलकर होगी ,गरीबों के पेट के निवाले की कालाबाजारी।
आने वाले दिनों में राशन माफिया का काम खुलकर शुरू होता है या चोरी छुपे जैसे चल रहा है वैसे ही चलता रहेगा। क्योंकि करोड़ों के इस धंधे में ऐसा खून योगी के मुंह लग चुका है कि वह किसी भी कीमत पर इस कारोबार को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। चाहे जनपद के उच्च अधिकारी कुछ भी कर ले गोदाम पर सीसीटीवी कैमरे फिट कर दें या कुछ भी कर दे योगी गोदाम पर उसके बावजूद भी मंडराता रहता है। क्योंकि योगी को सभी को उनका हिस्सा वितरित करने के बावजूद भी 50 से 60 लाख रुपए प्रति महीने की आमदनी राशन के इस कालाबाजारी के कारोबार से है ,योगी को हरिद्वार के जितने भी फ्लोर मिल वाले हैं सभी अच्छी तरीके से और आराम से जानते हैं ।क्योंकि इन फ्लोर मिलों पर ही योगी का माल पहुंचता है और वहीं से निर्विघ्न रूप से इसको मोटी रकम चावल व गेहूं बेच कर प्राप्त होती है।
गरीबों के लिए राज्य सरकार की योजना पर राशन माफिया का कब्जा।
यह वह चावल है जो ब्लैक मार्केट में योगी और उसकी टीम द्वारा बेचा जाता है ,उस चावला को उत्तराखंड राज्य सरकार गरीबों के लिए निशुल्क राशन विक्रेताओं को वितरित करने के लिए प्रदान करती है। लेकिन यह चावल गरीबों के पेट में ना जाकर इन राशन माफियाओं की भूख मिटाने के साथ-साथ उनकी तिजोरिया भी भर रहा है, और इसमें जनपद के कई अफसर भी शामिल है उनका भी कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता है और अफसर ही नहीं राशन विक्रेताओं के स्वयंभू नेताओं के भी इन राशन माफियाओं से घनिष्ठ संबंध है, जो संबंध इस तस्वीर में बया भी कर रहे हैं कहते हैं की तस्वीरें झूठ नहीं बोलते।








