भूस्खलन के कारण रुकी केदारनाथ यात्रा, राहत कार्य जारी

रूद्रप्रयाग। बुधवार सुबह केदारनाथ हाईवे के सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गये। इसे साफ करने को लेकर एनएच विभाग की मशीनरी जुट गई। करीब दो घंटे की मेहनत के बाद सुबह साढ़े 8 बजे राजमार्ग पर मलबा-बोल्डर हटाया गया. सैकड़ों तीर्थंयात्रियों को केदारनाथ धाम के लिए भेजा गया।

कुछ समय बाद राजमार्ग के मुनकटिया की पहाड़ी से फिर पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया. जिसके बाद पुलिस की ओर यात्रा को कुछ घंटों के लिए रोक दिया गया है। इसके अलावा केदारनाथ हाईवे काकड़ा गाड़ में भी खतरनाक बना है। यहां पर भी ऊपरी पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, जिस कारण बार-बार राजमार्ग बाधित हो रहा है। इस स्थान पर भी लगातार खतरा बना हुआ है। देश-विदेश से केदारनाथ यात्रा पर आ रहे श्रद्धालु एवं स्थानीय जनता काकड़ा गाड़ में जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर है। इस मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ विनीत पोस्ती ने लगातार हो रही बारिश के बाद जिला आपदा प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण कर आपदा से निपटने की तैयारियों एवं केदारनाथ यात्रा मार्ग का सीसीटीवी कैमरों की मदद से जायजा लिया।

उन्होंने डीडीआरएन के इंट्रानेट सिस्टम से पैदल मार्ग पर ग्लेशियर में फोटो खिंचवा रहे श्रद्धालुओं से निवेदन किया कि वे यात्रा मार्ग पर सावधानी बरतें और ग्लेशियर में चढ़कर फोटो ना खिंचवाएं। इससे उन्हें नुकसान भुगतना पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सोनप्रयाग में अनाउंसमेंट किया कि तीर्थ यात्री केदारनाथ धाम जाते समय सावधानी बरतें. गर्म जूते और रेनकोट का उपयोग करें. अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार, मंदिर समिति और जिला प्रशासन तीर्थ यात्रियों की हर संभव मदद को लेकर तत्पर है।

  • Related Posts

    ऋषिकुल पंजीकरण केंद्र पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पांच दिनों में आंकड़ा 10 हजार के पार

    चारधाम यात्रा 2026 को लेकर देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र पर देखने को मिल…

    स्वच्छ ऊर्जा की ओर आईआईटी रुड़की का बड़ा कदम

    नेट ज़ीरो लक्ष्यों के लिए अल्ट्रा लो हेड टर्बाइन सुविधा स्थापित भारत के ‘नेट ज़ीरो 2070’ लक्ष्यों को गति देने और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु भारतीय…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *