सीईए अध्यक्ष ने नवीकरणीय ऊर्जा के लिए स्वदेशी तकनीक पर दिया जोर
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की द्वारा तैयार की गई महत्वपूर्ण रिपोर्ट “भारत में पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर: प्रगति, पहल, बाज़ार वृद्धि और चुनौतियाँ” का विमोचन किया। इस दौरान सीईए अध्यक्ष ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में पंप्ड स्टोरेज हाइड्रोपावर (पीएसपी) की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर एकीकरण के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने इस तकनीक को भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी और उच्च स्वदेशी क्षमता वाली प्रौद्योगिकी बताया, जो पीक ऑवर्स के दौरान ग्रिड को स्थिरता प्रदान करने में सक्षम है।
आईआईटी रुड़की के विश्व प्रसिद्ध विशेषज्ञ प्रोफेसर अरुण कुमार के नेतृत्व में तैयार इस रिपोर्ट में देश में पीएसपी विकास को गति देने के लिए नीतिगत मार्ग, बाजार विस्तार और तकनीकी नवाचारों का विस्तृत खाका पेश किया गया है। प्रोफेसर कुमार ने विमोचन के अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए जोर दिया कि ग्रिड को कार्बन मुक्त बनाने के लिए भारत को पीएसपी के अनुसंधान और विकास में निवेश तेज करना चाहिए। इस कार्यक्रम में देश की प्रमुख परामर्श कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और बिजली क्षेत्र के दिग्गज उद्योगपतियों ने शिरकत की, जहाँ भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों से निपटने के लिए आईआईटी रुड़की के इस प्रयास को मील का पत्थर बताया गया।





