हरिद्वार की धार्मिक, सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर राज्यपाल का विशेष जोर

हरिद्वार भ्रमण के दौरान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने डाम कोठी, हरिद्वार में आज जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में चल रही विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनहित कार्यों की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि हरिद्वार आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक धरोहर की नगरी है, जहाँ वर्षभर करोड़ों श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में भाग लेने आते हैं। ऐसे में यहां की स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। हरिद्वार न केवल धार्मिक पर्यटन के लिए बल्कि स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित नगरी के रूप में भी पूरे देश और विश्व में अपनी पहचान बना सके इसपर विशेष ध्यान दिया जाए।

राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरिद्वार के लिए एक दीर्घकालिक विकास योजना बनाई जाए, जिससे आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन, आधारभूत संरचना और आमजन की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। राज्यपाल ने आगामी कुंभ मेले की तैयारियों की भी जानकारी ली और इसके लिए पहले से ही ठोस और समन्वित कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। राज्यपाल ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी और कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने नशे की समस्या पर कहा कि इस कारोबार में लिप्त कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए और ‘नशा मुक्त उत्तराखण्ड’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग का सहयोग लिया जाए।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि जनहित योजनाओं और विभिन्न कार्यों के लिए आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी, रेडक्रॉस और पूर्व सैनिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी राज्यपाल को दी। इस अवसर पर जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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