गौमुख कलश यात्रा बनी पर्यावरण जागरूकता का प्रतीक

श्री रामायण प्रचार समिति संस्कार योगशाला की ओर से छह दिवसीय गंगा स्वच्छता गोमुख संकल्प यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा के माध्यम से लोगों को पर्यावरण और गंगा संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। मंगलवार को श्री भारत मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीभरत मंदिर के महंत पीठाधीश्वर महंत वत्सल प्रपन्नाचार्य महाराज ने पूजा-अर्चना करने के बाद केसरिया झंडी दिखा पर्यावरण संरक्षण संवर्धन जन चेतना अभियान गंगा स्वच्छता गोमुख संकल्प यात्रा को गंगोत्री के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह यात्रा प्रत्येक वर्ष निकाली जाती है, जो सराहनीय है।

इस प्रकार जन चेतना अभियान द्वारा मां गंगा के पावन जल की महत्ता को लोगों को बताया जाएगा। उन्होंने गंगा की दिव्यता पवित्रता एवं अमृता का वर्णन किया। गंगा स्वच्छता गोमुख संकल्प यात्रा के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने बताया कि यह यात्रा उत्तरकाशी, गंगोत्री, गोमुख, तपोवन से होती हुई पुन: वापसी करेगी। इस छह दिवसीय यात्रा के दौरान बीच में आने वाले पड़ाव में पूजा-अर्चना के साथ पौधरोपण भी किया जाएगा।

जगह-जगह नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक भी किया जाएगा। साथ ही कपड़े के थैलों के माध्यम से लोगों को पॉलिथीन के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया जाएगा। मौके पर योगी नवीन जोशी, योगी अजय जोशी, योगी राजेश नंदा, टेनी, रामचंद्र बाबुराव जगताप, दिनेश डबराल, संजय, दीपक भारद्वाज, हर्ष वर्धन, डॉ. संध्या, अश्विन, श्रीधर, आशीष, प्रदीप, राजीव भंडारी, दीपक पुंडीर, चंद्रवीर पोखरियाल, आशुतोष महाराज, दीप शर्मा, महंत रामकृपाल दास, मदन नौटियाल आदि उपस्थित रहे।

  • Related Posts

    अतिक्रमण व लापरवाही पर कड़ा रुख, नगर क्षेत्र में तत्काल जनता दरबार लगाकर समाधान के निर्देश।

    जनता दरबार के दौरान लोहाघाट नगर क्षेत्र में कानून एवं अतिक्रमण के कारण लोगों के घरों के रास्ते बंद होने की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले…

    नमामि गंगे के तत्वावधान में महाविद्यालय लोहाघाट में हर्षोल्लास से मना माघोत्सव खिचड़ी पर्व।

    नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आज महाविद्यालय लोहाघाट में पारंपरिक माघोत्सव खिचड़ी पर्व उत्साह और सहभागिता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *