अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के बाद हालात बिगड़ने से हरिद्वार जनपद के मंगलौर क्षेत्र के कई परिवारों की चिंता बढ़ गई है। मोहल्ला हल्का, पठानपुरा और ग्राम जैनपुर के कई युवक, कामगार और छात्र इन दिनों ईरान में मौजूद हैं। किसी परिवार के दो तो किसी के चार सदस्य वहां रह रहे हैं, जिससे परिजनों की बेचैनी और अधिक बढ़ गई है। परिवारों का कहना है कि लगातार हमलों और बढ़ते तनाव की खबरें सामने आने से डर का माहौल बना हुआ है। हालांकि उन्होंने भारत सरकार पर भरोसा जताते हुए कहा कि जिस तरह वर्ष 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया था, उसी तरह इस बार भी सरकार उनके अपनों को सकुशल वापस लाएगी।
कुछ स्थानीय लोग हाल ही में ईरान से लौटे हैं। उनका कहना है कि जब वे वहां से निकले थे तब स्थिति सामान्य थी, लेकिन पिछले दो दिनों में हालात तेजी से बिगड़े हैं। परिजनों के अनुसार जिन क्षेत्रों में उनके अपने रह रहे हैं, वहां फिलहाल वे सुरक्षित हैं, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। परिवारजन लगातार अपने परिजनों के संपर्क में हैं, फिर भी हर नई खबर के साथ डर और अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों की निगाहें अब केंद्र सरकार की संभावित राहत एवं निकासी योजना पर टिकी हैं, ताकि ईरान में फंसे मंगलौर के युवक और छात्र जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लौटे।





