हरिद्वार । हरिद्वार नगर निगम घोटाले की जांच रणवीर चौहान द्वारा करने के बाद शासन को शोप दी गई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजिलेंस टीम को भी जांच सौपी है। विजिलेंस टीम का नेतृत्व आई पी एस रचिता जुयाल कर रही है।
विजिलेंस टीम इस प्रकरण की जांच में जो कड़ियां छूट गई थी उनको जोड़कर पूरा प्रकरण साफ कर देने के लिए कार्य करेगी विजिलेंस टीम यदि एक पटवारी तक पहुंच जाती है। जो इस सारे प्रकरण का असली सूत्रधार है तो यह प्रकरण सीधे-सीधे बहुत जल्द ही खुलकर सामने आ जाएगा की 52 करोड़ में से किसको कितने पैसे मिलने थे और कितने पैसे किसानों को मिलने थे।

अब देखना है विजिलेंस टीम इस पटवारी तक पहुंचती है या नहीं। क्योंकि सौदा तो पटवारी ने ही कराया था।पटवारी व वे किसान जिनके खातों में नगर निगम के 52 करोड़ रुपये वरुण चौधरी द्वारा डाले गए थे उनकी पूरी कहानी खुलकर सामने आ जायेगी।क्योकि मुख्यमंत्री ने यह डील भी निरस्त करने की बात कही है।






