माँ गंगा की डोली पहुँची शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा, पूरे मार्ग में गूंजे जय माँ गंगे के जयकारे

जनपद के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को शीतकालीन छह माह के लिए बंद कर दिए गए थे। इसके पश्चात परंपरा के अनुसार आज, गुरुवार, 23 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे माँ गंगा की उत्सव डोली ने गंगोत्री धाम से प्रस्थान कर चंडी देवी मंदिर और अन्नपूर्णा देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।

इसके बाद मार्कण्डेय मंदिर से होकर यात्रा आगे बढ़ी और श्रद्धालुओं के “हर हर गंगे” के जयघोष के बीच माँ गंगा की डोली करीब 2 बजे मुखवा (मुखीमठ) स्थित शीतकालीन प्रवास स्थल पर पहुँची। यहाँ गाँववासियों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-दमाऊं और फूलों से सजी आरती के साथ माँ गंगा का स्वागत किया।

मुखवा गाँव में अब आगामी छह माह तक माँ गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती संपन्न होगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार, अन्नकूट पर्व पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद माँ गंगा की उत्सव डोली को मुखवा में स्थापित किया जाता है, जहाँ देवी माँ की उपासना निरंतर चलती रहती है।

ग्राम प्रधान मुखवा ने बताया कि गाँववासी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी डोली आगमन के उपलक्ष्य में विशेष भंडारे और आरती समारोह का आयोजन करेंगे।

माँ गंगा की डोली यात्रा में क्षेत्र के तीर्थ पुरोहितों, प्रशासनिक अधिकारियों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान पूरे मार्ग में गंगा स्तुति, भजन और जयकारों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

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