श्रवण नाथ मठ में हुआ पारंपरिक भोग और चरण पूजन, नवमी पर जागी आस्था

शारदीय नवरात्र की महानवमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं श्री मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज द्वारा हरिद्वार के श्रवण नाथ मठ गंगा घाट पर विधिपूर्वक कन्या पूजन का आयोजन किया गया। वेद मंत्रों के उच्चारण और धार्मिक विधियों के साथ यह आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न हुआ।

पूजन से पहले गंगा मैया की पूजा की गई, तत्पश्चात 9 कन्याओं और 1 बालक (भैरव स्वरूप) की पूजा की गई, जो मां दुर्गा के नौ रूपों और उनके रक्षक भैरव का प्रतीक माने जाते हैं। कन्याओं के पावन चरण धोकर, उन्हें तिलक, फूल, और दक्षिणा अर्पित की गई तथा पारंपरिक भोजन—हलवा, पूरी, चना—से उन्हें भोग लगाया गया।

श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने इस अवसर पर कहा कन्याएं शक्ति स्वरूपा होती हैं। उनके चरणों का पूजन करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सनातन धर्म में नारी का स्थान सर्वोच्च है, और कन्याओं के रूप में मां दुर्गा स्वयं हमारे बीच आती हैं। इस परंपरा को जीवित रखना हम सभी का दायित्व है।उन्होंने समाज से कन्याओं के सम्मान, शिक्षा, और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों को केवल पूजा-पाठ का ही नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समाज कल्याण का केंद्र बनाया जाना चाहिए।

इस अवसर पर कई प्रमुख संत-महात्मा उपस्थित रहे, जिनमें महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, श्री महंत दर्शन भारती महाराज, श्रीमहंत राजगिरि महंत रवि पुरी, और मुख्तियार रघुवन,लाल माता मंदिर ट्रस्ट के संचालक भक्त दुर्गा दास,आर के शर्मा, एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा,प्रमुख रूप से सम्मिलित रहे।

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