तीर्थ नगरी हरिद्वार के सिडकुल स्थित सेक्टर 6 बैरियर के पास एक बंद पड़ी फैक्ट्री में गैस चोरी का कारोबार धडल्ले से चल रहा था। गैस से भरी गाड़ियां जिनको कैप्सूल कहा जाता है उनमें से गैस निकालकर सिलेंडरों में भरी जा रही थी और किसी तरीके की सुरक्षा भी गैस सिलेंडर में भरते समय गैस चोरों ने नहीं बरत रखी थी। यदि इन कैप्सूल में से प्रेशर के जरिए गैस रिस जाती और यह गैस आग पकड़ लेती तो यह कहना मुश्किल है कि कितने लोगों की तो मौत होती और कितनी संपत्ति का नुकसान होता। जिस जगह यह कारोबार किया जा रहा था उसी स्थान से 500 मीटर की दूरी पर हरिद्वार का गैस प्लांट है ।उस गैस प्लांट तक भी यह आग पहुंच सकती थी।
और अगर यह आग वहां तक भी पहुंच जाती तो क्या स्थिति हो सकती थी इसका अंदाजा शहर की जनता खुद लगा सकती है। लेकिन गैस की कालाबाजारी और गैस की चोरी करने वालों को इस बात से कोई लेना-देना नहीं खुदा ना खस्ता यदि हादसा हो जाता तो जाने कितने लोग अकारण ही इन लालची दरिंदों की जरा सी लालच भरी करतूत के कारण काल के गाल में समा जाते और न जाने कितने अधिकारी इस प्रकरण के बाद सस्पेंड होते और जेल जाते ।इस मामले में पुलिस ने व सप्लाई विभाग ने 61 गैस सिलेंडरों को जो दुकानों पर बेचे जाते हैं उनको बरामद किया है चार कैप्सूल जिनमे गैस भरी हुई होती है ।
एक कैप्सूल में 17 तन गैस
एक कैप्सूल में 17 टन गैस होती है । इनमे से दो कैप्सूल में से गैस निकालते हुए पाया गया था। और दो कैप्सूल जो गैस से भरी गाड़ियां हैं। वह पास में खड़ी थी अब प्रश्न उठता है कि गैस प्लांट बहादराबाद सेक्टर 6 बैरियर पर जो है उससे 500 मीटर पहले ही आधा किलोमीटर पहले यह गाड़ियां रोकी जाती थी और इनमें से गैस निकली जाती थी ।यह गैस निकालने का कारोबार करने वाले तीन लोगों को मोके से गिरफ्तार कर लिया है। 61 सिलेंडर और गैस निकालने के तमाम उपकरण और दो कैप्सूल बरामद किए हैं। जबकि दो कैप्सूल थोड़ा आगे खड़े थे उनके बारे में भी जांच की जा रही है ।यह कारोबार करने का लाइसेंस दिल्ली की दो फर्म के पास है। गैस के यह कैप्सूल भेजने काम दिल्ली की दो फर्म के पास है ।
उनकी भी जांच जिला पूर्ति विभाग कर रहा है। इस मिशन की गुप्त सूचना मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी तेजबल सिंह उनके क्षेत्रीय खाद अधिकारी रवि सनवाल तथा पूर्ति निरीक्षक मुकुल शर्मा के अलावा रानीपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे । इन लोगों की यह मेहनत रंग लाई है जिससे कि एक बड़ा हादसा होने से बच गया है रानीपुर पुलिस और पूर्ति विभाग इस कार्य के लिए बधाई का पात्र है क्योंकि यदि अगर जरा सी भी कोई अनहोनी हो जाती तो न जाने आज कितने लोग अकारण काल के गाल में समा जाते हैं।






