सावन मास में लगने वाले कावंड मेले की तैयारी के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह तैयार , राज्य के चीफ सेक्रेटरी व डीजीपी की मौजूदगी में सीसीआर में अधिकारियों की हुई बैठक , मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश।

सावन मास में हरिद्वार में लगने वाले कावड़ मेले की सभी तैयारी के लिए उत्तराखंड सरकार के आला अफसरों की आज एक बैठक हरिद्वार स्थित सीसीआर में उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ के अलावा पुलिस के तमाम प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे मुख्य सचिव व डीजीपी ने सभी अधिकारियों को कांवड़ मेले में अपनी निगाह बनाए रखने व कांवरियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण से पेश आने की बात कही है ।

साथ ही बैठक में यह भी बात आई है की कांवरिये तेज आवाज में बजने वाले डीजे नहीं बजा सकेंगे। उत्तराखंड सरकार कांवर मेले को लेकर बहुत ही सजग है ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस कांवर मेले पर अपनी निगाह बने हुए हैं ।इस बार कांवड़ मेले में 5 करोड़ से अधिक शिव भक्त कांवड़ियों के आने की उम्मीद है। वैसे तो सावन 11 जुलाई से शुरू होगा और 23 जुलाई को शिवरात्रि के दिन शिवालियों पर जलाभिषेक होगा। लेकिन कांवरिया 5 जुलाई से हरिद्वार आने शुरू हो जाएंगे।

 

कुछ दूर दराज के कांवरिये हरिद्वार आकर अपनी कांवर में पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने नगरों और कस्बो की ओर लौटने भी शुरू हो गए हैं। कावड़ मेले के दौरान हरिद्वार में मीट की दुकाने बंद रहेगी। साथ ही हरिद्वार में मेले के दौरान दुकानदारों को अपनी दुकानो के बाहर बड़े-बड़े अक्षरों में रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य होगा। किसी भी तरीके का नशीला पदार्थ बिकते हुए देखने पर ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

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