देहरादून के भंडारी बाग क्षेत्र में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग (FDA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलो नकली और अस्वच्छ पनीर जब्त किया। यह पनीर बिना किसी शीत भंडारण के एक सफेद हुंडई इयोन वैन में खुले में ले जाया जा रहा था।
संदिग्ध कार से खुलासा
FDA अधिकारियों मनीष सयाना और रमेश सिंह ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सीटों और डिग्गी में प्लास्टिक की बोरियों में बंद पनीर बरामद हुआ।

मानव उपभोग के लायक नहीं
मौके पर की गई जांच में पाया गया कि पनीर बेहद गंदे हालात में रखा गया था और वह खाने योग्य नहीं था। कार में मौजूद व्यक्ति मोहम्मद इरशाद कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका – न निर्माण स्थल, न ब्रांडिंग और न ही पंजीकरण से जुड़ी जानकारी।
खतरनाक हो सकता था यह पनीर
FDA ने बताया कि पनीर जैसे उत्पादों को 2°C से 8°C के बीच ठंडे तापमान पर रखना जरूरी होता है। इस नियम की अनदेखी से यह स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है और फूड पॉयजनिंग, डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
सैंपल जांच को भेजे गए, बाकी पनीर नष्ट
पनीर के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। शेष 500 किलो पनीर को नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। विभाग नियमित छापेमारी कर रहा है और जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जनता से सहयोग की अपील
FDA के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग पूरी सतर्कता से काम कर रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी जगह खाद्य मिलावट की आशंका हो, तो तुरंत FDA को सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
देहरादून के भंडारी बाग क्षेत्र में जिला खाद्य सुरक्षा विभाग (FDA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलो नकली और अस्वच्छ पनीर जब्त किया। यह पनीर बिना किसी शीत भंडारण के एक सफेद हुंडई इयोन वैन में खुले में ले जाया जा रहा था।

संदिग्ध कार से खुलासा
FDA अधिकारियों मनीष सयाना और रमेश सिंह ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सीटों और डिग्गी में प्लास्टिक की बोरियों में बंद पनीर बरामद हुआ।
मानव उपभोग के लायक नहीं
मौके पर की गई जांच में पाया गया कि पनीर बेहद गंदे हालात में रखा गया था और वह खाने योग्य नहीं था। कार में मौजूद व्यक्ति मोहम्मद इरशाद कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका – न निर्माण स्थल, न ब्रांडिंग और न ही पंजीकरण से जुड़ी जानकारी।
खतरनाक हो सकता था यह पनीर
FDA ने बताया कि पनीर जैसे उत्पादों को 2°C से 8°C के बीच ठंडे तापमान पर रखना जरूरी होता है। इस नियम की अनदेखी से यह स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है और फूड पॉयजनिंग, डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

सैंपल जांच को भेजे गए, बाकी पनीर नष्ट
पनीर के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। शेष 500 किलो पनीर को नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कर दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
FDA आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। विभाग नियमित छापेमारी कर रहा है और जनता की सेहत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जनता से सहयोग की अपील
FDA के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि विभाग पूरी सतर्कता से काम कर रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी जगह खाद्य मिलावट की आशंका हो, तो तुरंत FDA को सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।






