यह बात साफ दिखती है कि चाहे सोनिया गांधी कितनी भी कोशिश क्यों न कर लें, राहुल गांधी का सत्ता तक पहुँचना फिलहाल काफी कठिन और असंभव-सा लगता है

यदि प्रियंका गांधी को आगे कर कांग्रेस कायदे से पार्टी को चलाएं तो कुछ उम्मीद बन सकती हैं। सोनिया गांधी पुत्र मोह में इस कदर उलझी हुई है, कि वह राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री देखना चाहती हैं। लेकिन जनता का रुख टटोलने के बाद यह कहा जा सकता है की राहुल गांधी की कुंडली में प्रधानमंत्री का योग नहीं है।

सोनिया गांधी ने जितना समय राहुल गांधी के ऊपर बर्बाद किया है ,यदि इतना समय वे अपनी पुत्री प्रियंका गांधी को आगे कर सत्ता को प्राप्त करने का प्रयास करती तो शायद कुछ उम्मीद भी बन सकती थी। लेकिन राहुल गांधी चाहे जितनी यात्राएं कर ले, चाहे जितने बम फोड़ ले, चाहे जितने वोट चोर का शोर मचा ले उनके भाग्य में कहीं से कहीं तक प्रधानमंत्री की कुर्सी दिखाई नहीं पड़ रही है

इंद्रा गांधी की छवि दिखती हैं।सोनिया की पुत्री में।

प्रियंका गांधी कुछ करिश्मा कर सकती है। उनके अंदर उनकी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी की छवि स्पष्ट झलकती है ।और जब वह लोकसभा में भाषण देती है या किसी जनसभा में स्पीच देती हैं तो उनकी शालीनता और उनकी मुस्कुराहट जनता को प्रभावित करती है। लेकिन प्रियंका गांधी को सोनिया गांधी पता नहीं क्यों आगे नहीं लाना चाहती हैं। हालत यह है कि अब कांग्रेस में कोई दमदार नेता बचा ही नहीं है ।अकेले गांधी परिवार के ऊपर पार्टी कब तक चलेगी सोनिया गांधी को चाहिए कि वह अपने होनहार पुत्र राहुल गांधी का विवाह कर अपने वंश को आगे चलाने का कार्य करें तो ज्यादा अच्छा रहेगा। और राजनीति में अपनी पुत्री प्रियंका गांधी को आगे बढ़ाये प्रियंका गांधी कुछ करिश्मा करने की हिम्मत रखनी है।

  • Related Posts

    अतिक्रमण व लापरवाही पर कड़ा रुख, नगर क्षेत्र में तत्काल जनता दरबार लगाकर समाधान के निर्देश।

    जनता दरबार के दौरान लोहाघाट नगर क्षेत्र में कानून एवं अतिक्रमण के कारण लोगों के घरों के रास्ते बंद होने की शिकायत सामने आने पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले…

    नमामि गंगे के तत्वावधान में महाविद्यालय लोहाघाट में हर्षोल्लास से मना माघोत्सव खिचड़ी पर्व।

    नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आज महाविद्यालय लोहाघाट में पारंपरिक माघोत्सव खिचड़ी पर्व उत्साह और सहभागिता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *