रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी की हत्या के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए थाना बहादराबाद, कोतवाली रानीपुर और सीआईयू की संयुक्त टीम ने बेहद चतुराई से छिपाई गई इस वारदात की परतें खोल दीं। हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक का अपना 21 वर्षीय बेटा निकला, जिसने करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए दोस्तों के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी।
29 नवम्बर की रात आरोपी बेटे यशपाल ने अपने पिता को दोस्त की शादी में ले जाने का झांसा देकर कार में बैठाया। जटवाड़ा पुल से आगे पहुंचने पर उसके साथी ललित मोहन उर्फ राजन और शेखर पहले से घात लगाए बैठे थे। योजना के मुताबिक राजन को दोस्त बताकर कार में बैठाया गया और मौका मिलते ही राजन ने तमंचे से रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर भगवान सिंह की कनपटी पर दो राउंड फायर कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी बेटे ने पुलिस को 112 पर काल कर झूठी कहानी सुनाई कि किसी अज्ञात लिफ्ट लेने वाले ने पिता को गोली मार दी।






