डॉ. पंड्या: गायत्री महामंत्र है सद्ज्ञान का स्रोत

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि गायत्री महामंत्र सद्ज्ञान का बीज है। इसे प्राप्त करने और समझने के लिए साधक को सद्गुरु की शरण में जाना आवश्यक है। गायत्री महामंत्र केवल जप करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह एक बहुआयामी सूत्र है, जिसमें जीवन का सम्पूर्ण सार समाहित है।

यह मंत्र साधक को ज्ञान, प्रेरणा एवं आत्मबोध की ओर अग्रसर करता है। वे शांतिकुंज में आयोजित गायत्री जयंती महापर्व के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शैलदीदी ने कहा कि गायत्री महामंत्र के तीन चरण हैं-उपासना, साधना व आराधना।

  • Related Posts

    खाड़ी देशों में फंसे चम्पावत के लोगों का जुटेगा डेटा, प्रशासन ने जारी किए निर्देश

    जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को दिया तत्काल सूचना संकलन का आदेश। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और हालात को देखते हुए मांडल जिला चम्पावत प्रशासन सतर्क…

    रुड़की में पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश, नशे में धुत चालक गिरफ्तार

    सोमवार शाम नगर निगम चौक पर चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यातायात पुलिस को वायरलेस सेट के माध्यम से सूचना मिली कि एक काले रंग…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *