छोटे-छोटे लेकिन जरूरी कार्यों के लिए भटकने को मजबूर आमजन के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार का जनता दरबार अब सबसे सशक्त और भरोसेमंद मंच बन चुका है। प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले इस दरबार में राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। भीड़ का आलम यह है कि कई बार फरियादियों को बैठने की जगह तक नहीं मिल पाती और उन्हें धूप में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। जनता दरबार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां समस्याओं को टालने की कोई गुंजाइश नहीं होती। जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं संवेदनशीलता के साथ हर फरियादी की बात सुनते हैं और जिस उद्देश्य से व्यक्ति दरबार में आता है, उसका समाधान उसी दिन कराने का प्रयास किया जाता है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए जाते हैं और शिकायतों के निस्तारण की जवाबदेही तय की जाती है।
इस दरबार में गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के मामलों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अब अपने बुजुर्गों और परिजनों के साथ भरोसे के साथ जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं, जो जिला प्रशासन में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। खेती और रिवर्स माइग्रेशन से जुड़े मामलों में भी प्रशासन का मानवीय चेहरा सामने आया। गांव के अमित खर्कवाल द्वारा खेती सुरक्षा के लिए दिए गए आवेदन पर कार्रवाई न होने और अनावश्यक रूप से अधिक लागत दर्शाए जाने की शिकायत पर डीएम ने हस्तक्षेप करते हुए कृषि अधिकारी के बजाय उरेडा के माध्यम से कार्य कराने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य कृषि अधिकारी को स्पष्ट कहा कि पलायन कर लौट रहे लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए, क्योंकि वे दूसरों के लिए प्रेरणा और जिले के एंबेसडर हैं।
लगभग छह घंटे तक चले इस जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती, एसडीएम अनुराग आर्य, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।







