गुमशुदा यात्रियों की सलामती के लिए दुआ कर रहे परिजन

रुद्रप्रयाग में हुए बस हादसे को 24 घंटे से अधिक  का समय हो चुका है। लेकिन अभी तक ना तो अलकनंदा नदी में गिरी बस का पता चल पाया है। ना ही हादसे के बाद से लापता 9 लोगों की कोई सुराग हाथ लगा है। बीते रोज 7.30 बजे जब हादसा हुआ तब से ही सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें रेस्क्यू के लिए सर्च ऑपरेशन में लगी हैं।

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में गुरुवार को हुए बस हादसे में लापता हुए 9 तीर्थयात्रियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है. चैंकाने वाली बात तो ये है कि जो 31 सीटर बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, उसका भी पता नहीं चल सका है। इस हादसे को शुक्रवार को 24 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है। सर्च ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।  गुरुवार सुबह जब दुर्घटना हुई तो तभी से सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और स्थानीय लोग बस और उसमें सवार लापता हुए 9 लोगों को ढूंढ रहे हैं। लेकिन उनका 24 घंटे से ज्यादा समय के बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है। यहां तक कि बस का मलबा भी नहीं मिल सका है।

मानसून के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का पानी मटमैला है। इस कारण उसमें कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। यही सर्च और रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी दिक्कत आ रही है।रेस्क्यू अभियान के लिए
गुरुवार को ही गोताखोर टीम भी अलकनंदा नदी में पहुंच चुकी थी. लेकिन गोताखोरों के लिए अलकनंदा नदी का मटमैला पानी और तेज बहाव चुनौती बना हुआ है।

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