रामनगर: एक बार फिर रामनगर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला एक जिप्सी चालक की पिटाई का है, जिसे सड़क से जबरन उठाकर एक रिसॉर्ट के भीतर ले जाकर बेरहमी से पीटा गया। इस पूरी घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामला गरमा गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शहर में भारी ट्रैफिक की वजह से जाम की स्थिति थी। आरोप है कि जब चौकी इंचार्ज ने चालक को हटने को कहा और उसने बात नहीं मानी, तो पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन रिसॉर्ट के अंदर ले जाकर पीटा।
पीड़ित चालक का आरोप है कि उसे न केवल मारा गया, बल्कि घटना के बाद किसी ने उसकी शिकायत तक नहीं सुनी। उसका कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे न्याय नहीं मिल पा रहा।
स्थानीय लोग और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गाइडों और पर्यटकों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
CCTV बना बड़ा सबूत
वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि चालक को कैसे जबरदस्ती अंदर ले जाकर पीटा गया। इसके सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन की आलोचना तेज हो गई है।
पर्यटन क्षेत्र होने के बावजूद रामनगर में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ाती हैं। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इसी तरीके से कानून का पालन कराएगी?
जनता की मांग है कि इस मामले में पारदर्शी जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आम आदमी की आवाज दबने न पाए।






